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_qpaperbacks
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_beng
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082 _a82-94
_bALA-Z
100 _aआलम, सयैदा खुर्शीद
245 _aज़ाकिर साहब की कहानी
260 _aनई दिल्ली :
_bराष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत,
_c2000.
300 _a80 Pages
520 _aयह पुस्तक स्वर्गीय डॉ. ज़ाकिर हुसैन की मात्र दूसरों से सुनी हुई बातों पर आधारित जीवनी नहीं है, बल्कि इसमें पारिवारिक और निजी जीवन की अनेक घटनाएं दी गई हैं, जिन्हें लेखिका ने देखा, और अनुभव किया है। इस पुस्तक के माध्यम से हम एक ऐसे इंसान की तस्वीर देखते हैं जिसकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं था और जो कर्मठ विद्वान थे। धन, पद और ख्याति वास्तव में ऐसी मूर्तियां हैं, जिनके आगे बड़े से बड़े नतमस्तक हो जाते हैं। किंतु इस लोभ तथा आकांक्षा के संसार में ऐसे सत्य को पहचानने वाले व्यक्ति भी हुए हैं जो इन मूर्तियों को एक ही ठोकर में चूर-चूर कर देते हैं। इनमें एक नाम है डॉ. जाकिर हुसैन। यह पुस्तक डा. जाकिर हुसैन के उन पहलुओं पर भी प्रकाश डालती है, जिनमें वह एक सहानुभूति-प्रवण मानव, जिम्मेदार और सफल अध्यापक, दार्शनिक, लेखक तथा स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सामने आते हैं। पुस्तक की लेखिका सैयदा खुर्शीद आलम डा. जाकिर हुसैन की सुपुत्री हैं और प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ श्री खुर्शीद आलम खान की धर्मपत्नी हैं।
600 _aDr. Zakir Husain Khan
_d(1897-1969)
650 _aBiography
856 _3Reviews
_uhttps://www.goodreads.com/book/show/197289865-jakir-sahab-ki-kahani-hindi#CommunityReviews
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