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_a9788123723648 _qpaperback |
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_aNISER LIBRARY _beng _cNISER LIBRARY |
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| 082 |
_a556(540) _bBHA-B |
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| 100 | _aभारती, राधाकान्त | ||
| 245 | _aभारत की नदियां | ||
| 260 |
_aनई दिल्ली : _bराष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत, _c2013. |
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| 300 |
_a208 pages : _billustrations (b/w & color photographs) ; _c21 cm. |
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| 520 | _aमानव सभ्यता का उद्भव और संस्कृति का प्रारंभिक विकास नदी किनारे ही हुआ। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में नदियों का विशेष महत्व है। भारतीय संस्कृति में ये जीवनदायिनी मां की तरह पूजनीय हैं। प्रस्तुत पुस्तक इन्हीं तथ्यों को रेखांकित करती है। इसमें लेखक ने भारत की प्रमुख नदियों से जुड़े अतीत, वर्तमान और भविष्य के सभी संभावित पहलुओं पर प्रकाश डाला है। लेखक का यह रोचक एवं शोधपूर्ण अध्ययन इन नदियों के सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, व्यापारिक महत्व की विशद व्याख्या के साथ-साथ इनके कई सद्-असद् लक्षणों का बखान करता है। पुस्तक की भाषा अत्यंत सरल, सहज और प्रवाहमयी है। | ||
| 650 |
_aWatersheds _zIndia |
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_3Reviews _uhttps://www.goodreads.com/book/show/41815630-bharat-ki-nadiyan?ref=nav_sb_ss_1_13#CommunityReviews |
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