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020 _a9788123763590
_qpaperback
040 _aNISER LIBRARY
_beng
_cNISER LIBRARY
082 _a94(540.49)
_bPAT-M
100 _aपटैरया, शिव अनुराग
245 _aमध्यप्रदेश
260 _aनई दिल्ली :
_bराष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत,
_c2012.
300 _a379 Pages :
_billustrations (color photographs) ;
_c21 cm.
520 _aएक नवंबर 1956 को आकार लेने वाला मध्यप्रदेश केवल मानचित्र में बीचों बीच में होने के कारण ही भारत का हृदय प्रदेश नहीं कहा जाता है, यह प्रकृति, इतिहास, संस्कृति, विकास; सभी क्षेत्रों में देश की धड़कन है। यहां विश्व प्रसिद्ध खजुराहो के मंदिर और सांची के स्तूप पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं तो यहां के वन और वन्य जीव नैसर्गिक संदरता के रसिकों के मन में बसते हैं। इस प्रदेश की भूमि पर मानव की विकास यात्रा के पद चिन्ह यहां-वहां बिखरे हुए हैं। कई नदियों का मायका होने के साथ-साथ यह प्रदेश पारंपरिक जल निधियों का संरक्षण स्थल भी है। यह पुस्तक मध्यप्रदेश के अतीत, भूमि और मौसम, सामाजिक व्यवस्था, खानपान और बोलियां, पहनावा, शिल्प, वन्य जीवन, खनिज, पत्रकारिता, मेले, संगीत, पुरातत्व, विभूतियों आदि के बारे में प्रामाणिक जानकारी देती है। लिखित सामग्री को कई चित्रों के साथ सज्जित किया गया है। इसकी भाषा बेहद, सहज, प्रवाहमय और कथा की तरह प्रतीत होती है।
650 _aHistory
_zMadhya Pradesh
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