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| 020 |
_a9788171198832 _qHardback |
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| 040 |
_aNISER LIBRARY _beng _cNISER LIBRARY |
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| 082 |
_a82-1 _bTHA-G |
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| 100 | _aठाकुर, रवींद्रनाथ | ||
| 245 | _aगीतांजलि | ||
| 260 |
_aदिल्ली : _bराधाकृष्ण प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड, _c2024. |
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| 300 |
_a163 pages ; _c22 cm. |
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| 520 | _a‘गीतांजलि’ गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर (1861-1941) की सर्वाधिक br>प्रशंसित और पठित पुस्तक है ! इसी पर उन्हें 1913 में विश्वप्रसिद्द नोबेल पुरस्कार भी मिला ! इसके बाद अपने पुरे जीवनकाल में वे भारतीय साहित्याकाश पर छाए रहे ! साहित्य की विभिन्न विधाओं, संगीत और चित्रकला में सतत सृजनरत रहते हुए उन्होंने अंतिम साँस तक सरस्वती की साधना की और भारतवासियों के लिए ‘गुरुदेव’ के रूप में प्रतिष्ठित हुए ! प्रकृति, प्रेम, इश्वर के प्रति निष्ठा, आस्था और मानवतावादी मूल्यों के प्रति समर्पण भाव से संपन्न ‘गीतांजलि’ के गीत पिछली एक सदी से बांग्लाभाषी जनों की आत्मा में बसे हुए हैं ! विभिन्न भाषाओँ में हुए इसके अनुवादों के माध्यम से विश्व-भर के सहृदय पाठक इसका रसास्वादन कर चुके हैं ! प्रतुत अनुवाद हिंदी में अब तक उपलब्ध अन्य अनुवादों से इस अर्थ में भिन्न है कि इसमें मूल बांग्ला रचनाओं की गीतात्मकता को बरक़रार रखा गया है, जो इन गीतों का अभिन्न हिस्सा है ! इस गेयता के कारण आप इन गीतों को याद रख सकते हैं, गा सकते हैं !. | ||
| 650 |
_aProse poems, Bengali _vTranslations into Hindi |
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| 650 |
_aBengali poetry _vTranslations into Hindi |
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| 655 | _aPoems | ||
| 700 |
_aसाहू, डोमन _etranslator _6880-03 |
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| 856 |
_3Reviews _uhttps://www.goodreads.com/book/show/27627201-geetanjali?ref=nav_sb_ss_1_13#CommunityReviews |
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| 999 |
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