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_qpaperback
040 _aNISER LIBRARY
_beng
_cNISER LIBRARY
082 _a82-94
_bNIR-K
100 _aनिराला, सूर्यकान्त त्रिपाठी
245 _aकुल्ली भाट
260 _aनई दिल्ली :
_bप्रभाकर प्रकाशन,
_c2022.
300 _a78 pages
520 _aकुल्ली भट सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण उपन्यास है, जो उनके साहित्यिक योगदान में एक विशेष स्थान रखता है। यह उपन्यास उनके गहरे सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है, जिसमें उन्होंने समाज के निचले वर्ग, उनकी समस्याओं और संघर्षों को बड़े प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया है। कुल्ली भट एक चरित्र-आधारित उपन्यास है, जिसमें कुल्ली भट नामक एक पात्र की जीवन यात्रा को केंद्रित किया गया है। कुल्ली भट एक गरीब और मेहनती व्यक्ति है, जो अपने जीवन में गरीबी, सामाजिक भेदभाव और असमानताओं का सामना करता है। यह उपन्यास उस समय के समाज की आर्थिक और सामाजिक स्थितियों की गहरी आलोचना करता है। कुल्ली भट के माध्यम से निराला ने समाज की कुरीतियों और असमानताओं को उजागर कì
650 _aBiography
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