| 000 | 03031 a2200253 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | NISER | ||
| 005 | 20251205151255.0 | ||
| 008 | 251205b |||||||| |||| 00| 0 hin d | ||
| 020 |
_a9788126700462 _qPaperback |
||
| 040 |
_aNISER LIBRARY _beng _cNISER LIBRARY |
||
| 082 |
_a82-1 _bPRI-P |
||
| 100 | _aप्रीतम, अमृता | ||
| 245 |
_aप्रतिनिधि कविताएँ : _bअमृता प्रीतम |
||
| 260 |
_aनई दिल्ली : _bराजकमल प्रकाशन प्रा. लि., _c2025. |
||
| 300 | _a134 pages | ||
| 520 | _aपंजाबी की शीर्षस्थ रचनाकार अमृता प्रीतम की कविताओं ने न केवल हिन्दी बल्कि अन्य भारतीय और विदेशी भाषाओं के पाठकों के बीच पर्याप्त लोकप्रियता अर्जित की है। उनकी कविताओं में जीवन के छोटे-छोटे अनुभवों को जितनी आत्मीयता और लगाव के साथ ग्रहण किया गया है, वह निश्चय ही उनके रचनाकार की महती उपलब्धि है। समुद्र के समान हिलोरें खाती विराट जिजीविषा में अमृता प्रीतम की कविताओं को गहरे लौकिक सन्दर्भ प्रदान किए हैं, रंग-बिरंगी प्रकृति और मानवीय भावनाओं के रागात्मक टकराव से उद्भूत उनकी कल्पनाशक्ति ने रचनात्मकता की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। स्मृतियों के नीले आकाश में घुमड़ते बादलों-सी इन कविताओं में नारी की मुक्ति- आकांक्षा और उसके संघर्ष की बड़ी मार्मिक अभिव्यक्ति हुई है। अमृता प्रीतम की प्रतिनिधि कविताओं का यह संग्रह पंजाबी और हिन्दी कविता के बीच रचनात्मक संवाद का जीवन्त वाहक सिद्ध होगा। | ||
| 600 |
_aPritam, Amrita, _d(1919-2005) |
||
| 650 |
_aHindi poetry _y20th century |
||
| 655 | _aPoems | ||
| 856 |
_3Reviews _uhttps://www.goodreads.com/book/show/23271546-pratinidhi-kavitayen?ref=nav_sb_ss_1_13#CommunityReviews |
||
| 942 |
_cHC _2udc |
||
| 999 |
_c36320 _d36320 |
||