TY - GEN AU - सप्रे, स.आ. TI - काम की प्रशंसा में SN - 9788123723594 U1 - 172 PY - 1996/// CY - नई दिल्ली : PB - राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत, KW - Work ethics KW - Moral duties KW - Social responsibility N2 - कर्मयोग ही गीता का मुख्य उपदेश है। मनुष्य को जीवनपर्यंत सतत काम करना चाहिए। काम करने में ही व्यक्ति और समष्टि का विकास निहित है। काम करने से शरीर निरोग रहता है और मन प्रसन्न रहता है। कर्म प्रधान जीवन ही सुंदर होता है। UR - https://www.goodreads.com/book/show/238553241-kaam-ki-prashansha-me?ref=nav_sb_ss_1_21#CommunityReviews ER -