TY - GEN AU - अख़्तर, जावेद TI - ख़्वाब के गाँव में SN - 9788183227414 U1 - 82-1 PY - 2017/// CY - नोएडा PB - मंजुल पब्लिशिंग हाउस KW - Poetry N2 - जावेद अख़्तर जिंदगी के दिन-रात की आपाधापी. अच्छे-बुरे, सुख-दुःख, ख़ुशी और ग़म को फिल्म के सीने की तरह दर्शक के नज़रिये से देखते हैं. वे तमाम हालात जो ज़िन्दगी को चाहे खुशनुमा बनाते हों या फिक्रमंद और परेशां करते हों, उनको मुक्त भाव से जीते हैं और उनकी शख्शियत का यह कोण उन्हें दार्शनिकों की पंक्ति में खड़ा कर देता है. इस किताब में उनकी ही कही और लिखी बातों को लिया गया है, और हमें इसमें उनके द्वारा गहराई से महसूस की गई अभिव्यक्तियाँ मिलेंगी UR - https://www.goodreads.com/book/show/34363311?ref=nav_sb_ss_1_13#CommunityReviews ER -