वरदान
Publication details: नोयडा : मेपल प्रेस, 2024.Description: 184 pagesISBN:- 9789350336588
- 82-31 PRE-V
| Item type | Current library | Call number | Status | Barcode | |
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Hindi Collection
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NISER LIBRARY 1st Floor - Hindi Collection | 82-31 PRE-V (Browse shelf(Opens below)) | Available | 26056 |
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| 82-3 MAN-K काला हंस | 82-3 RAI-K कोणार्क / Konark | 82-31 FAR-K कई चांद थे सरे-आसमां | 82-31 PRE-V वरदान | 82-31 TRI-P प्रभावती / Prabhavati | 82-311.2 UPA-B बाबूजी का बड़प्पन : बाबूजी को समर्पित मेरी भावनाओं का उपहार / Babuji ka badappan : babuji ko samarpit meri bhavnao ka uphar | 82-311.2 UPA-M माँ के शरण में अर्पण / Maa ke sharan mein aarpan |
यह उपन्यास प्रेमचंद द्वारा लिखित एक लोकप्रिय उपन्यास है। विरजन एक सुंदर युवती है जो अपने माता-पिता के असामयिक मृत्यु के कारण अपने मुंहबोले चाचा-चाची के घर में रहने लगती है। बचपन से एकसाथ रहने के कारण मुंहबोला भाई प्रताप उससे प्रेम करने लगता है। परंतु विरजन को इस भाव का पता नहीं चल पाता है और उसकी शादी किसी अच्छे घर में हो जाती है। विरजन का पति कमला जो एक रसिक और विलासी पुरुष है, सुंदरता पर मोहित हो जाता है परंतु एक दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो जाती है। बाद में जब विरजन को पता चलता है प्रताप उससे प्रेम करता था तब उसे दुःख होता है।
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