हर दिन 24 घंटे कैसे जिएं
Publication details: नई दिल्ली : प्रभात प्रकाशन प्रा. लि., 2025.Description: 103 pages ; 22 cmISBN:- 9789355213358
- How to live on 24 hours a day (english)
- 005.962.11 BEN-H
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | |
|---|---|---|---|---|---|---|
Hindi Collection
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NISER LIBRARY 1st Floor - Hindi Collection | 005.962.11 BEN-H (Browse shelf(Opens below)) | Checked out to ONKAR RAM (2311118) | 15/03/2026 | 26173 |
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| 001.3(540) OJH-P प्राचीन भारत में विज्ञान / Pracheen bharat mein vigyan | 004.7 CHA-Q क्वांटम कंप्यूटिंग और हमारा भविष्य / Quantum computing aur humara bhavishya | 005.57 PRA-K कहने का कौशल एवं अन्य निबन्ध | 005.962.11 BEN-H हर दिन 24 घंटे कैसे जिएं | 06.05NOBEL(=21) ANA-N नोबेल पुरस्कृत भारतीय / Nobel puraskrit bharatiya | 159.923.2 MAR-J जहा चाह वहा राह | 172 SAP-K काम की प्रशंसा में |
समय की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे आप एडवांस में बरबाद नहीं करते। अगला वर्ष, अगला दिन, अगला घंटा आपके उपयोग के लिए तत्पर है--संपूर्णता में बिना किसी रुकावट के। अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप जीवन में एक क्षण भी व्यर्थ न करें। आप चाहें तो हर क्षण, हर घंटे एक नए अध्याय का सूत्रपात कर सकते हैं।
एक घंटे, डेढ़ घंटे, यहाँ तक कि दो घंटे पहले उठ जाएँ और अगर जागना संभव न हो तो रात को जल्दी सो जाएँ। जहाँ तक बेहद मुश्किल कामों की बात है, तो जो काम आप शाम के दो घंटे में करेंगे, वही सुबह एक घंटे में हो जाएगा।
आपको रोजाना के इस चौबीस घंटे को ही जीना है। इसी से आपको स्वास्थ्य, सुख, संपत्ति, संतुष्टि, सम्मान और अपनी अमर आत्मा के उत्थान को हासिल करना है। इसका उचित इस्तेमाल, इसका सबसे प्रभावी उपयोग बेहद जरूरी विषय और सबसे रोमांचक वास्तविकता भी है। सबकुछ इसी पर निर्भर है। आपकी खुशी, मुश्किल से हासिल होनेवाली दौलत, जिसे मुट्ठी में करने की कोशिश आप सभी कर रहे हैं, साथियो, वह इस पर ही निर्भर करती है।>इसी पुस्तक से
समय के सदुपयोग और अपनी दिनचर्या को निर्धारित करने के विषय में व्यावहारिक सूत्र बताती यह पुस्तक आपको जीवन जीने और आनंदित रहने की एक नई दृष्टि देगी |
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