गोदान
Original language: Hindi Publication details: नई दिल्ली : डायमंड पॉकेट बुक्स, 2025.Description: 327 pagesISBN:- 8171822495
- 9788171822492
- 82-31(214.31) PRE-G
| Item type | Current library | Call number | Status | Barcode | |
|---|---|---|---|---|---|
Hindi Collection
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NISER LIBRARY 1st Floor - Hindi Collection | 82-31(214.31) PRE-G (Browse shelf(Opens below)) | Available | 26057 |
गोदान' प्रेमचंद की सर्वोत्तम कृति है, जिसमें उन्होंने ग्राम और शहर की दो कथाओं का यथार्थ रूप और संतुलित मिश्रण प्रस्तुत किया है।
'गोदान' होरी की कहानी है। उस होरी की जो जीवन-भर मेहनत करता है, अनेक कष्ट सहता है. केवल इसलिए कि उसकी मर्यादा की रक्षा हो सके और इसीलिए वह दूसरों को प्रसन्न रखने का प्रयास भी करता है किन्तु उसे इसका फल नहीं मिलता, फिर भी अपनी मर्यादा नहीं बचा पाता। अंततः वह तप-तप के अपने जीवन को ही होम कर देता है। यह केवल होरी की ही नहीं, अपितु उस काल के हर भारतीय किसान की आत्मकथा है। इसके साथ ही जुड़ी है शहर की प्रासंगिक कहानी, दोनों कथाओं का संगठन इतनी कुशलता से हुआ है कि उसमें प्रवाह आद्योपांत बना रहता है। प्रेमचंद की कलम की यही विशेषता है।
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